प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के एक दिग्गज नेता दूसरे के मंच पर आने को तैयार नहीं है। संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के बाद वाहनों के भारी-भरकम चालान के खिलाफ त्रिनगर में विरोध- प्रदर्शन करने का निर्णय पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने लिया। प्रस्तावित प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चतर सिंह की तरफ से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन व जयप्रकाश अग्रवाल को आमंत्रित किया गया था।
विरोध-प्रदर्शन के एलान के बाद पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने चतर सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के मंच पर आने से मना कर दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जीतेंद्र कोचर ने भी अग्रवाल से बातचीत के आधार पर एक बयान जारी कर कहा कि जयप्रकाश अग्रवाल को इस धरने के लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है।
बिना सहमति के ही उनका नाम प्रस्तावित धरने में शामिल कर दिया गया। जयप्रकाश अग्रवाल ने भी बताया कि बिना सहमति के प्रस्तावित धरने में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।
उधर, चतर सिंह का कहना है कि धरना आयोजित करने के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन व जयप्रकाश अग्रवाल से सहमति ली गई है। त्रिनगर इलाका जयप्रकाश अग्रवाल का संसदीय क्षेत्र भी है।
दिल्ली के लोगों की परेशानी को देखते हुए सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। इस आपसी मतभेद के बाद एक बार फिर कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
प्रदेश के वरिष्ठ नेता अभी भी एक मंच पर आने को तैयार नहीं है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन चतर सिंह करीबी है। ऐसे में उनके तरफ से प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में जयप्रकाश अग्रवाल के शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।