कुछ दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के बाबू जगजीवन अस्पताल में व्यवस्थाओं को देखने के लिए औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान मिली खामियों पर अस्पताल प्रबंधन को कई हिदायतें भी दी गईं, लेकिन मंगलवार को इनकी पोल उस वक्त खुल गई, जब अस्पताल परिसर में एक मरीज के परिजनों ने खूब हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर उनसे झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं। मरीज का इलाज करने की जगह टालमटोली कर रहे हैं। हालांकि प्रबंधन की ओर से इन आरोपों और हंगामे का कोई जवाब नहीं दिया गया।
दरअसल, दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके की निवासी सलमा बेगम गर्भवती हैं। पिछले दिनों 5 अक्तूबर को उन्हें बाबू जगजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 7 अक्तूबर को जब सलमा का अल्ट्रासाउंड कराया गया, तो डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा दोनों को स्वस्थ्य घोषित कर दिया। लेकिन अगले चंद घंटों बाद सलमा दर्द से चीखने लगीं। वह बेड पर लेटी लेटी रोती जा रही थीं। जब उनके परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे तो गर्भावस्था में दर्द होना सामान्य बताया गया। लेकिन मंगलवार सुबह सलमा का एक और अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें चौंकान्ने वाली स्थिति देखने को मिली।