दिल्ली सरकार गोद लेने-देने वाली एजेंसियों, बाल-बालिका गृह और बाल निरीक्षण गृह पर सख्ती करने जा रही है। बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए काम करने वाली सभी संस्थाओं को मान्यता देने और पंजीकरण का काम किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 में जरूरी किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी एजेंसियों को अगले 15 दिन में आवेदन के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने व गैर पंजीकृत संस्था चलाते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आवेदन की एक प्रति जिला किशोर कल्याण परिषद के कार्यालय में भी जमा करानी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक ने सार्वजनिक सूचना जारी कर जनता से भी इसमें सहयोग मांगा है। नागरिकों से कहा गया है कि बच्चों की देखरेख या गोद लेने-देने वाली संस्था कोई बिना पंजीकरण या मान्यता के पाई जाती है, तो उसकी सूचना दें।