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सिग्नेचर ब्रिज तैयार, घंटों का सफर होगा मिनटों में, रविवार को मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

Sat, 03 Nov 2018 05:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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signature bridge - फोटो : फोटो: कुमार संजय
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उत्तर पूर्वी दिल्ली और वजीरादाबाद के बीच आवाजाही आसान होने जा रही है। बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज तैयार है। रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पुल का उद्घाटन करेंगे। सप्ताह के पहले कार्यदिवस यानी सोमवार से इस पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। 
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इससे पहले शुक्रवार को उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने उत्तर पूर्वी दिल्ली के आप प्रभारी दिलीप पांडेय के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहुंचे। उन्होंने पूरे पुल का जायजा देकर अधिकारियों को बाकी तैयारियां भी जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।

मनीष सिसाोदिया ने कहा कि पुल तैयार है। इससे लोगों की आवाजाही तो आसान होगी ही, यह पर्यटकों के लिये भी सबसे बेहतरीन जगह बनेगा। रविवार शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री पुल दिल्लीवालों के लिए खोल देंगे। 
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उद्घाटन के बाद शाम को यहां लेजर शो होगा। दिलीप पांडेय ने इसे उत्तर-पूर्वी दिल्ली की जनता को दीवाली का तोहफा बताया। साथ ही कहा कि यमुनापार का उपेक्षित पड़ा इलाका विकास के पैमाने पर बाकी दिल्ली से जल्द ही टक्कर लेगा।

कुतुबमीनार से दोगुनी ऊंचाई पूरी दिल्ली का देखें नजारा

signature bridge - फोटो : फोटो: कुमार संजय
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 2004 में सिग्नेचर ब्रिज प्रोजेक्ट तैयार किया था। दिल्ली कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को 2007 में मंजूरी दी। शुरुआती योजना कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले करीब 1131 करोड़ रुपये लागत से प्रोजेक्ट तैयार करने की थी। प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती रही। वर्ष 2015 में इसकी लागत करीब 1594 करोड़ रुपये हो गई।

पुल पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र बनेगा। इसके शीर्ष पर जाकर दिल्ली की विहंगम तस्वीर देखी जा सकेगी। इसकी ऊंचाई कुतुबमीनार (73 मीटर) से दोगुनी से भी ज्यादा करीब 154 मीटर है। सबसे ऊपर करीब 22 मीटर ऊंचा ग्लास का एक बॉक्स बनाया गया है। बॉक्स के अंदर से लोग बाहर का नजारा देख सकेंगे। इसके लिए चार एलिवेटर लगाए गए हैं। इसके सहारे एक बार में कुल 50 लोग पुल के शीर्ष तक पहुंच सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो महीने में सभी एलिवेटर काम करने लगेंगे। 

पश्चिम यूपी वालों को भी मिलेगी राहत

signature bridge - फोटो : फोटो: कुमार संजय
यह पुल वजीराबाद रोड को करनाल बाईपास से जोड़ेगा। इससे न सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार, गोकुलपुरी, भजनपुरा और खजूरी की तरफ से मुखर्जी नगर, तिमारपुर, बुराड़ी और आजादपुर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि कश्मीरी गेट से लोनी, सोनीपत, सहारनपुर, बागपत जैसे यूपी के शहरों में जाने वाले ट्रैफिक को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। वह आसानी से मंजिल की तरफ जा सकेंगे। अभी व्यस्त समय में वजीराबाद पुल पार करने में ही करीब एक घंटे का समय जाया होता है।
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हमें निमंत्रण नहीं देना बदले की भावना : मनोज तिवारी

signature bridge - फोटो : फोटो: कुमार संजय
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बहुचर्चित सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में उनको न बुलाने पर नाराजगी जताई है। तिवारी ने कहा जिस सिग्नेचर ब्रिज को लेकर मैंने दिन-रात संघर्ष किया। खजूरी खास पर अनशन किया।

उसी समारोह में निमंत्रण न देकर कहीं न कहीं क्षेत्र के सांसद होने के नाते मुख्यमंत्री ने प्रोटोकाल का उल्लघंन किया है। तिवारी ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज का इतिहास बहुत पुराना है। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ तत्कालीन विधायक साहिब सिंह चौहान के निमंत्रण पर ब्रिज बनाने को लेकर चर्चा की गई।

उस समय 265 करोड़ रुपये की लागत से इसे बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन 2004 में सत्ता परिवर्तन के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में तालमेल की कमी के कारण इस ब्रिज का बजट बढ़कर 400 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2009 के सांसद जेपी अग्रवाल और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की आपसी कलह की वजह से ब्रिज का कार्य अधर में लटका रहा। हमारे कारण ही ब्रिज पूरा हुआ है और हमें ही निमंत्रण नहीं देना बदले की भावना है।
 
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