मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मानना है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर पर भी काबू पा लिया। दिल्ली का कोरोना प्रबंधन दुनिया के विकसित देशों से भी बेहतर रहा है। हालात बेहतर होने के बावजूद केजरीवाल की अपील है कि जब तक कोरोना की दवाई नहीं आ जाती, तब तक इसको हल्के में नहीं लेना है। इस बीच सबको मास्क लगाकर घूमना है और सोशल डिस्टेंसिंग भी रखनी है। हमें लगातार अपने हाथों को सैनिटाइज भी करते रहना है।
अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजधानी में नवंबर में एक दिन में 8,600 केस आए थे, आज यह घटकर 1,133 हो गए हैं। जबकि नवंबर में एक समय 100 लोगों की जांच में 15 मामले पॉजिटिव आए थे, आज यह 1.3 हो गया है। पिछले महीने कोरोना के 45,000 सक्रिय केस थे, आज यह घटकर 12 हजार रह गए हैं। कोरोना से ठीक होने की दर 96.5 फीसदी है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संक्रमण के मामले पीक पर जाने के बाद भी कोई अफरा-तफरी का माहौल नहीं था। मरीज कॉरिडोर, सड़कों और गलियों में नहीं पड़े थे। दिल्ली में जिस दिन 8,600 मामले आए थे तो अस्पतालों में 9,500 बेड़ कोरोना के मरीजों से भरे हुए थे। इसके बावजूद अस्पतालों में 7 हजार बेड़ खाली पड़े थे। दिल्ली के अंदर कोरोना का प्रबंधन बहुत अच्छे से किया गया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केस बढ़ने के बावजूद दिल्ली सरकार ने जांच दर नहीं घटाई। जबकि कुछ लोगों की सलाह थी कि ऐसा किया जा सकता है। उस वक्त दिल्ली में 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन 4500 सैंपल की जांच हो रही थी। वहीं, यूपी में 670, गुजरात में 800 और अमेरिका में 4300 जांच हो रही हैं। हमने अधिकारियों को सही टेस्ट करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि भले मामले बढ़ें लेकिन महामारी पर काबू पा सकें, जबकि कई राज्यों में फर्जी टेस्ट हो रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली ने कई नए-नए तरीके अपनाए, जिसे बाद में देश-दुनिया में भी आजमाया गया। प्लाज्मा थेरेपी सबसे पहले दिल्ली मे शुरू हुई थी। दिल्ली में होम आइसोलेशन मॉडल सबसे पहले अपनाया गया। वहीं, कोरोना योद्धाओं के शहीद होने पर एक करोड़ रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की। केजरीवाल ने कहा कि बेशक दिल्लीवालों ने कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पा लिया है, लेकिन अभी भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतननी है। केजरीवाल की अपील है कि जब तक कोरोना की दवाई नहीं आ जाती, तब तक हमें कोई ढिलाई नहीं बरतनी है, हमें मास्क पहनना है, हाथ धोते रहना है और सोशल डिस्टेस्टिंग का पालन करना है।