दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में घातक रसायन मिलाकर तैयार किए गए देसी घी की सप्लाई मुरादनगर से की जा रही थी। फूड सेफ्टी विभाग द्वारा लिए गए घी के सैंपल की जांच कराने पर इसका खुलासा हुआ है।
यह घी सेहत के लिए हानिकारक है। अफसरों डेयरी मालिक के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में अभियोग दर्ज कराया है। साथ ही गुलाब रेस्टोरेंट का बिस्कुट और अन्य दुकानों से लिए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों के पांच सैंपल जांच में फेल हो गए हैं।
अफसरों को गाजियाबाद से नकली देसी घी सप्लाई होने की शिकायत मिली थी। डीएम ने फूड सेफ्टी अफसरों की टीम को इसकी जांच पर लगाया था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी यदुवीर सिंह यादव ने बताया कि टीम ने 22 फरवरी 15 को मुरादनगर में कस्बा रोड स्थित राकेश डेयरी से देसी घी का सैंपल लिया था।
डेयरी मालिक सुभाष चंद की मौजूदगी में घी के तीन सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। अब इसकी रिपोर्ट स्टेट लैब से मिली है। जांच में घी को खाने योग्य नहीं माना गया है।
इसमें ऐसे रसायन मिलाए जा रहे थे, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। इस मामले में राकेश डेयरी और इसके संचालक जीतपुर मलिक नगर निवासी सुभाष चंद के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया है।
इसके साथ ही कविनगर के गुलाब रेस्टोरेंट से लिया गया आटा कुकीज का सैंपल सब स्टैंडर्ड आया है। श्याम विहार के ऋषभ वैरायटी स्टोर से लिया गया नमकीन का सैंपल सब स्टैंडर्ड आया है।
इसमें रूल्स का वायलेशन भी मिला है। भौपुरा के शिव चौक गगन विहार स्थित बालाजी स्टोर से लिया गया विनेगर का सैंपल भी फेल आया है।
टॉप्स कंपनी के इस विनेगर में सल्फेट और क्लोराइड मिला पाया गया है। इसकेसाथ ही इंदिरापुरम के कैफे यूनिटी रेस्टोरेंट से लिया गया लाल मिर्च का पाउडर भी जांच में फेल पाया गया है। इनके विरुद्ध भी दंडाधिकारी के समक्ष अभियोग दर्ज किया गया है।