विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर थाना पुलिस ने दबोचा है। आरोपी की पहचान बिहार निवासी गौरव कुमार झा के रूप में हुई है। आरोपी खुद को डब्ल्यूएचओ में डॉक्टर व ऊंचे पद पर तैनात बताता था। आरोपी ने ज्योति नगर के सात नौजवान लड़कों से 14.80 लाख रुपये की ठगी की। बाद में उनको फर्जी नियुक्ति पत्र भी भेज दिया। छानबीन में इनके नकली होने का पता चला। शिकायत के बाद आरोपी को दबोच लिया गया। इसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन के अलावा फर्जी आईकार्ड भी बरामद किया गया है।
पिछले दिनों ज्योति नगर थाना पुलिस को सात लड़कों ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि पार्क में उनको एक व्यक्ति मिला। उसने बातचीत के बाद खुद को डब्ल्यूएचओ में बड़ा डॉक्टर बताया। उसने उनसे विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय में नौकरी लगवाने की बात कही। पीड़ित युवक आरोपी के झांसे में आ गए। इन लोगों ने आरोपी के खाते में पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 14.30 लाख रुपये डाल दिए। बाद में 50 हजार रुपये कैश भी दे दिए गए। आरोपी ने ई-मेल के जरिये पीड़ितों को एमटीएच की नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भेज दिया। छानबीन में वह फर्जी निकला। ज्योति नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी व अन्यों की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी को मीत नगर स्थित उसके घर से दबोच लिया। उसके पास से डब्ल्यूएचओ में डॉक्टर होने का फर्जी आईकार्ड भी मिला।
ऑक्यूपेशनल थेरेपी का कोर्स किया हुआ था आरोपी ने
आरोपी ने गाजियाबाद के एक नामी कॉलेज से बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी का कोर्स किया हुआ था। लेकिन काम न मिलने की वजह से यह ठगी करने लगा। आरोपी ने ठगी की रकम से अपना घर बनवा लिया। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितने और लोगों से धोखाधड़ी की है।