रियायत दरों पर प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण दिलाने का झांसा देकर दो सौ लोगों से ठगी करने वाले जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर-पश्चिम जिला साइबर सेल ने तकनीकी जांच कर आरोपी को किराड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन, चार सिम और एक डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
आरोपी ने सरकार के नाम पर गरीब लोगों को निशाना बनाया। उसपर पहले से ठगी के दो मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान किराड़ी निवासी राजकुमार के रूप में हुई है। जिले के साइबर सेल में जहांगीरपुरी निवासी मनोज ने ठगी की शिकायत की। जिसमें उसने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण के बाबत उसने एक पोस्टर चस्पा देखा। मनोज ने उसपर दिए नंबर पर फोन किया। उसे अपने कागजात और 45 सौ रुपये बतौर फीस जमा करने के लिए कहा गया। मनोज ने अपने कागजात आरोपी के व्हाट्सएप पर भेज दिया। फीस जमा करने के बाद उसे कहा गया कि उसे तीन लाख रुपये ऋण मिलेगा। इसके एवज में उससे कई मदो में पैसे जमा करने के लिए कहे गए।
पीड़ित ने कुल 25 हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा कर दिया। उसके बाद पीड़ित को 18 हजार के तीन किश्त को अग्रिम भूगतान करने के लिए कहा गया। ठगी का अहसास होने उसने साइबर सेल में शिकायत की। निरीक्षक विजेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच की। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच करते हुए आरोपी को किराड़ी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने मुख्य रूप से सरकार के नाम पर गरीब लोगों को निशाना बनाया। पिछले 04 साल में रियायती दर पर ऋण दिलाने का झांसा देकर दो सौ से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी आदतन और सक्रिय अपराधी है और उसपर पंजाबीबाग और सब्जी मंडी थाने में जालसाजी का मामला दर्ज है।