आग की भयावहता को देखते हुए आग को मध्यम दर्जे का घोषित कर गाड़ियों की संख्या 50 कर दी गई। करीब ढ़ाई सौ से अधिक दमकल कर्मी आग बुझाने में जुट गए। आग तेजी से फैल रही थी। जिसे रोकने के साथ साथ दमकल कर्मियों ने आस-पास की इमारतों को खाली करवा लिया। जिस इमारत में आग लगी थी उसकी छत टुकड़ी और टी-आयरन-गाटर से बनी थी।
दमकल अधिकारियों ने बताया कि करीब दस घंटे बाद आग की लपटों पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के दौरान देर रात टुकड़ी-गाटर पर बनी चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। इमारत के जमींदोज होने के बाद भी अंदर से रुक-रुक कर आग की लपटें निकल रही हैं। शुक्रवार सुबह से दमकल कर्मी आग पर काबू पाने और इमारत की कूलिंग का काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि दमकल की करीब आठ गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू करने में जुटी हैं।
बीच-बीच में निकल रहीं लपटें
दमकल अधिकारी ने बताया कि इमारत में बीच-बीच में आग की लपटें निकल रही हैं। शनिवार तक आग पर पूरी तरह से काबू पाने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग पर पूरी तरह से काबू पाने के बाद इमारत के मलबे को हटाया जाएगा। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि इसमें कोई हताहत हुआ है या नहीं। शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है।
दुकानों पर निर्भर रहने वाले परिवार भी परेशान
नई सड़क के व्यापारी राकेश गुप्ता का कहना है कि आग की घटना के तुरंत बाद से आसपास के व्यापारियों ने अपना सामान हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन ज्यादा सामान होने के कारण शुक्रवार शाम तक भी पूरे सामान को हटाया नहीं जा सका। उनका कहना है कि इस भवन के आसपास एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें हैं। वहीं अन्य व्यापारी ने बताया कि इन एक हजार दुकानों में एक दिन में करीब 25 से 28 करोड़ रुपये का कारोबार हो जाता है। दुकान बंद होने के कारण यह कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया है। घटना को देखते हुए आशंका की जा रही है कि सोमवार से पहले फिर से कारोबार को सामान्य करना मुश्किल लग रहा है। वहीं दुकान शुरू न होने के कारण यहां काम करने वाले, इन दुकानों पर निर्भर रहने वाले व अन्य लोग परेशान हैं।
70 से 80 करोड़ के नुकसान का अनुमान
नई सड़क ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक महेंद्रू के मुताबिक, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम अभी भी व्यापारियों को उनकी दुकानों से दूर रख रही है क्योंकि अभी और इमारतें गिरने का अंदेशा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, 50 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गई हैं, जिससे 70 से 80 करोड़ कीमत के उत्पादों का नुकसान हुआ है।
बेबसी से देखते रह गए भयावह मंजर
एक दूसरे दुकानदार जसप्रीत सिंह (51) ने कहा, मेरी प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और ग्राहकों को बचाना था। मैंने उनसे जल्द से जल्द दुकान खाली करने को कहा, सबके बाहर निकलने के बाद मैं दुकान से बाहर निकला था, यह सुनिश्चित करने के बाद कि कोई पीछे न रहे, किसी तरह मैंने शटर बंद किया जो पहले से ही गर्म था। यह भयावह मंजर देख हम सब आंखों में आंसू लिए वहीं खड़े थे और सोच रहे थे कि इसके बाद हम गुजारा कैसे करेंगे। हालांकि दुकान का बीमा करा रखा है, लेकिन उसके क्लियर होने की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।