तीनों आरोपी फरार हो गए थे
तीनों आरोपी शुरू में तो जांच में शामिल हुए। मगर बाद में जब आरोपियों को लगा कि वह फंस रहे हैं तो तीन आरोपी बिहार फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी, मगर पकड़े नहीं गए।
कोर्ट के आदेश के बाद फिर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखा गया
कोर्ट के आदेश के बाद चंदन की मौत के केस को खोला गया। चंदन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का फिर से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पता लगा कि ट्रेन से कटने से पहले चंदन के शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद कालकाजी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ब्लू लाइन बस के ड्राइवर भरतलाल व उसके दो साथियों समेत तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
एसआई पंकज व अजय की टीम ने ड्राइवर को पकड़ा
अपराध शाखा में तैनात एसआई पंकज कुमार व एसआई अजय कुमार काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रहे थे। पुलिस टीम ने दिल्ली, हरियाणा व बिहार में कई जगह दबिश दी। एसीपी राकेश कुमार शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, पंकज कुमार, भारत सिंह व एएसआई भोला नाथ की टीम ने बिहार में घेराबंद कर आरोपी भरतलाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। वह बिहार में नाम व पता बदलकर रह रहा था और बस चला रहा था।