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Delhi: 13 साल बाद रंग लाई बेटे को न्याय दिलाने की लड़ाई, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Fri, 24 Feb 2023 06:56 AM IST
विजय पुंडीर पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी भरतलाल को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। अब जाकर मां को न्याय मिला है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सब्जी बेचकर परिवार का गुजर-बसर करने वाली इंदु देवी ने इकलौते बेटे को न्याय दिलाने के लिए पुलिस समेत सरकारी सिस्टम से 13 वर्ष तक लंबी लड़ाई लड़ी। पुलिस ने भी रही सही कसर पूरी कर दी थी। तीन बहनों के इकलौत भाई को न्याय दिलाने के लिए मां ने अपना सब कुछ बेच दिया। सुप्रीम कोर्ट तक गईं। 

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कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी भरतलाल को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। अब जाकर मां को न्याय मिला है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इंदू देवी की बेटे की हत्या करने वाली ब्लू लाइन बस के ड्राइवर भरतलाल को गिरफ्तार किया है। बात कुछ रुपये के टिकट लेने की थी। इंदू देवी कालकाजी इलाके में रहती हैं। उनका इकलौता बेटा चंदन उर्फ राहुल (15) 10 वीं कक्षा में पढ़ता था। 27 अगस्त, 2010 को वह स्कूल से घर जाने के लिए 425 रूट की ब्लू लाइन बस (उस समय दिल्ली में ब्लू लाइन बस चलती थी) पकड़ी। बस में कुछ रुपये का टिकट लेने पर कंडक्टर ने छात्र को पीट दिया। पिटाई से बच्चा बेहोश व लहूलुहान हो गया। 

ब्लू लाइन बस के ड्राइवर भरतलाल ने कंडेक्टर व एक अन्य के साथ 
चंदन को उठाकर ओखला व तुगलकाबाद के बीच रेलवे ट्रेक पर डाल दिया। ट्रेन से कटकर चंदन की मौत हो गई। पुलिस ने स्वभाविक मौत की कार्रवाई कर केस को बंद कर दिया। आरोपियों ने राहुल के घर फोन कर बताया था कि उसका बैग बस में पड़ा हुआ था। इंदु देवी को लगा कि उसके बेटे की हत्या की गई है। उसने थाना व पुलिस अफसरों को दरवाजा खटखटाया। कहीं भी उसकी नहीं सुनी गई। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट तक गई। कोर्ट के आदेश के बाद इंदू देवी के बेटे का केस फिर से खोला गया। 

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तीनों आरोपी फरार हो गए थे 
तीनों आरोपी शुरू में तो जांच में शामिल हुए। मगर बाद में जब आरोपियों को लगा कि वह फंस रहे हैं तो तीन आरोपी बिहार फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी, मगर पकड़े नहीं गए। 

कोर्ट के आदेश के बाद फिर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखा गया
कोर्ट के आदेश के बाद चंदन की मौत के केस को खोला गया। चंदन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का फिर से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पता लगा कि ट्रेन से कटने से पहले चंदन के शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद कालकाजी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ब्लू लाइन बस के ड्राइवर भरतलाल व उसके दो साथियों समेत तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। 

एसआई पंकज व अजय की टीम ने ड्राइवर को पकड़ा
अपराध शाखा में तैनात एसआई पंकज कुमार व एसआई अजय कुमार काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रहे थे। पुलिस टीम ने दिल्ली, हरियाणा व बिहार में कई जगह दबिश दी। एसीपी राकेश कुमार शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, पंकज कुमार, भारत सिंह व एएसआई भोला नाथ की टीम ने बिहार में घेराबंद कर आरोपी भरतलाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। वह बिहार में नाम व पता बदलकर रह रहा था और बस चला रहा था।
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