मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश कुमार त्यागी को नियमों के उल्लंघन पर कड़ी फटकार लगाई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन पर वित्तीय नियम के उल्लंघन का आरोप है। मंत्रालय ने कुलपति को पत्र लिखकर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
दरअसल मंत्रालय की मनाही के बावजूद यूजीसी ने विश्वविद्यालय को पिछले महीने अनुदान जारी कर दिया था। मंत्रालय अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने इसी हफ्ते कुलपति फिर से पत्र लिखा है।
इसमें लिखा है कि देश के सभी 39 केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने जनरल फाइनेंस रूल 2017 पर मंत्रालय, यूजीसी व विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच एमओयू हो चुका है।
एकमात्र डीयू ही दर्जन भर पत्र लिखे जाने के बावजूद अनदेखी कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहा तो डीयू का अनुदान रोक दिया जाएगा। इससे अक्तूबर में शिक्षकों के वेतन पर तलवार लटक सकती है।
एमओयू से शोध को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों का मानना है कि एमओयू से विश्वविद्यालय के साथ छात्रों को भी लाभ होगा। शोध को बढ़ावा मिलेगा और नए कोर्स शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा, इससे छात्रों को रोजगार के बेहतर विकल्प मिलेंगे। शोध को बढ़ावा देने के लिए फंड भी बढ़ाया जाएगा।