- 17 छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट इस्तेमाल करने के मामले में चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत दे दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन कोर्ट ने जांच की गंभीर कमियों पर सवाल उठाए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार ने जमानत देते हुए कहा कि पुलिस की जांच लापरवाही से की गई है और चार्जशीट में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने खुद फर्जी नंबर प्लेट बनवाई या उसका इस्तेमाल किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी के ड्राइवर, जो कथित तौर पर कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाता था, उसे जांच में संदिग्ध तक नहीं बनाया गया। यह भी जांच नहीं की गई कि फर्जी नंबर प्लेट कहां से लाई गई और आरोपी ने वास्तव में उस कार का इस्तेमाल किया या नहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में आरोपी से हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है।
चूंकि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए आरोपी को अनिश्चित समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता। इस मामले में अधिकतम सजा सात साल तक की है। हालांकि, चैतन्यानंद सरस्वती को राहत मिलने के बावजूद वह अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे। वह 17 छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। आरोप है कि सरस्वती फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहे थे।