नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) में अध्यक्ष पद के स्थायी रूप से खाली हो जाने के कारण सभी विभागों का कामकाज ठप हो गया है। जिसकी वजह से कई योजनाओं पर चल रहा काम भी रुक गया है।
अगस्त में एनडीएमसी के पूर्व अध्यक्ष नरेश कुमार के चले जाने के बाद अध्यक्ष पद खाली हो गया था। इसके बाद दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव को 60 दिनों के लिए एनडीएमसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, लेकिन पिछले सप्ताह उनका अस्थायी कार्यकाल भी समाप्त हो गया।
इसके बाद एनडीएमसी के लगभग सभी विभागों का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। एनडीएमसी सूत्रों की मानें तो विजय कुमार देव ने कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियमों का हवाला देते हुए फाइलों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। जिससे एनडीएमसी के सामने आर्थिक संकट भी गहराने लगा है। विकास कार्यों व नई परियोजनाओं के साथ ही कर्मचारियों के एक्सटेंशन की फाइलें भी मंजूरी के लिए रुकी हुई हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव सिविल, इलेक्ट्रिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट पर पड़ रहा है।
निरस्त हुई काउंसिल मीटिंग
कई महीनों के बाद 16 अक्तूबर को काउंसिल मीटिंग बुलाना तय किया गया था, लेकिन अध्यक्ष पद खाली होने की वजह से इस मीटिंग को निरस्त कर दिया गया है। मीटिंग की अध्यक्षता का अधिकार एनडीएमसी अध्यक्ष के पास ही है, हालांकि उनकी उपस्थिति में वाइस चेयरमैन भी मीटिंग बुला सकते हैं। लेकिन यहां अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनों के साथ ही नामित सदस्यों के पद भी खाली हैं।