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Delhi: दिल्ली में समय से पूरी होंगी जल बोर्ड की परियोजनाएं, पोर्टल होगा लॉन्च, होगी रीयल टाइम निगरानी

Tue, 10 Jun 2025 08:50 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि दिल्ली की जनता को समय पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। जलभराव वाले इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पीडब्ल्यूडी हाई पॉवर डीजल जनरेटर सेट की मरम्मत कराएगा
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दिल्ली जल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली जल बोर्ड की परियोजनाओं में देरी रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक खास सॉफ्टवेयर बनवाएगी। इसके जरिये परियोजनाओं की प्रगति, जिम्मेदार अधिकारी और समयसीमा पर पल-पल की जानकारी मिलेगी, ताकि कोई रुकावट न आए।

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जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि दिल्ली की जनता को समय पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। देरी से लोगों का भरोसा टूटता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर नतीजे हमारा मकसद है। यह सॉफ्टवेयर हर प्रोजेक्ट के लिए तय चरण, समयसीमा और जिम्मेदार अधिकारी तय करेगा। सभी जानकारी एक केंद्रीयकृत पोर्टल पर डिजिटल रूप से दर्ज होगी, जिसे अधिकारी कभी भी देख सकेंगे। इससे विभागों में तालमेल बढ़ेगा और फैसले तेजी से होंगे। अगर कहीं देरी हुई, तो जिम्मेदारी तुरंत तय की जा सकेगी।

कागजी काम कम होगा, डेटा आधारित फैसले होंगे : जल मंत्री ने कहा कि यह पहल जल बोर्ड में नई कार्यशैली की शुरुआत है। हर दिन का हिसाब, हर जिम्मेदारी का जवाब और हर योजना का समय पर पूरा होना अब सुनिश्चित होगा। जल बोर्ड की परियोजनाएं नई रफ्तार पकड़ेंगी और लोगों को समय पर सुविधाएं मिलेंगी।

आंधी में भी पंप हाउस की नहीं जाएगी बिजली
जलभराव वाले इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पीडब्ल्यूडी हाई पॉवर डीजल जनरेटर सेट की मरम्मत कराएगा। इसके पीछे वजह मानसून के दौरान किसी तरह की अनहोनी न हो। इसके लिए द्वारका रोड पंप हाउस में स्ट्रीट लाइट्स और अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित करना है।
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पीडब्ल्यूडी 2.58 लाख से दक्षिण-पश्चिम जोन में डीजी सेट्स की सर्विसिंग व मरम्मत का काम शुरू किया है। इससे आंधी आने पर भी पंप हाउस और स्ट्रीट लाइटों की सप्लाई बंद नहीं होगी। परियोजना के अंतर्गत 125 केवीए, 35 केवीए और 15 केवीए के किर्लोस्कर डीजी सेट्स स्थापित किए जाएंगे। सरकार के निर्देश के बाद पीडब्ल्यूडी ने परियोजना में पारदर्शिता के लिए पूरी निर्माण प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।
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