दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को कोरोना के बढ़ते मामलों पर नजर रखने का आदेश दिया है ताकि मेडिकल और टेस्टिंग सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध करवाई जा सकें। इस निर्देश के साथ ही पीठ ने उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें सरकारी अस्पतालों का बोझ कम करने के लिए निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के इलाज की अनुमति मांगी गई थी।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमणियम प्रसाद की पीठ के समक्ष यह याचिका कानून के एक छात्र हितेश भारद्वाज ने दायर की। वीडियो कांफ्रेंसिंग से पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश जारी किए। इस दौरान दिल्ली सरकार की ओर से वकील अनुज अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या पर नजर रखकर उन्हें इलाज के लिए पर्याप्त मेडिकल और जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है।
ई-कूपन धारकों को आज शाम तक राशन दे दिल्ली सरकार
एक अन्य मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह सभी ई-कूपन धारकों को बृहस्पतिवार शाम तक राशन उपलब्ध करवाए। ई-कूपन धारकों को राशन न मिलने के विरोध में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाया।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में खासकर सुल्तानपुरी इलाके में ई-कूपन धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है।
इस दौरान दिल्ली सरकार ने दलील दी कि वह एक सप्ताह के भीतर ई-कूपन धारकों को राशन वितरित करवा देगी, लेकिन हाईकोर्ट दिल्ली सरकार की इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वह बृहस्पतिवार शाम तक ई-कूपन धारकों को राशन वितरित करवाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कोर्ट की अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।