लॉकडाउन-4 में मिली रियायत के बाद बसों में नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि बस में 20 से अधिक यात्री नहीं बैठ सकते हैं। अगर बस में यात्रियों की संख्या अधिक होती है तो चालक बस नहीं चलाएगा।
अतिरिक्त सवारी को मार्शल, चालक या परिचालक नीचे उतरने का आग्रह करेंगे। इसके बावजूद अगर यात्री आदेश नहीं माने तो पुलिस की मदद ली जा सकती है। बसों में 20 से अधिक यात्रियों के बैठने की शिकायत मिलती है तो चालक, परिचालक और मार्शल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने उम्मीद जताई कि धीरे-धीरे सड़कों पर डीटीसी और क्लस्टर की सभी बसें उतरी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सड़कों पर करीब 3400 बसें उतारी गई और अगले एक-दो दिन में परिवहन सेवाएं सामान्य हो जाएगी।
प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशन पहुंचाने में लगी हैं डीटीसी की बसें
परिवहन मंत्री ने कहा क अलग-अलग प्रदेशों के प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशनों तक पहुंचाने में डीटीसी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को स्टेशन तक पहुंचाने में अभी भी बसें लगी हुई हैं। 1200 बसें राजस्व विभाग ने अधिग्रहीत किया है तो 400-500 बसों को पुलिस विभाग अलग-अलग जगहों के लिए अधिग्रहीत करते रहे हैं। अगले तीन चार दिन में बसों में कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
ड्यूटी पर पहुंचने लगे ड्राइवर-कंडक्टर, स्थिति जल्द होगी सामान्य
बस सेवाएं शुरू होने के बाद भी कर्मियों की कमी की वजह से सेवाएं फिलहाल सुस्त हैं। परिवहन मंत्री ने माना कि हरियाणा और यूपी की अलग- अलग जगहों पर ड्राइवर और कंडक्टर फंसे हुए थे। पिछले 24 घंटे में उनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अगले एक-दो दिन में काफी हद तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
थर्मल गन के किए ऑर्डर
परिवहन मंत्री ने कहा कि थर्मल स्कैनिंग के लिए थर्मल गन्स के ऑर्डर दिए गए हैं, फिलहाल पहले से हमारे पास कुछ गन हैं। ऐसे टर्निमल या बस स्टाप जहां अधिक व्यस्तता रहती है वहां थर्मल स्कैनिंग शुरू कर दी गई है।