लगातार बढ़ रही पराली जलाने की घटनाएं
दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर होने लगा है। राजधानी के तीन से ज्यादा इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर के मानक के पार पहुंच गया है। पराली जलाने से वायु प्रदूषण की स्थिति और अधिक गंभीर होती है। यही कारण है कि धान के खेतों में किसानों को पराली जलाने से रोकने के उपाय किए जाते हैं। लेकिन अब तक नासा से प्राप्त चित्रों के विश्लेषण से पता चला है कि पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में दो से तीन गुना तक की वृद्धि हो चुकी है।
कैसी है प्रदूषण की स्थिति
सोमवार को दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर बनी रही। आनंद विहार इलाके में दोपहर के समय भी हल्की धुंध छाई रही और लोगों की आंखों में जलन का अनुभव होता रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को चेक रिपब्लिक दूतावास के आसपास प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी रही, यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 358 तक पहुंच गया। जबकि पीएम-2.5 स्तर 196 और पीएम-10 स्तर 216 तक पहुंच गया। हौजखास और आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर भी वायु प्रदूषण बेहद गंभीर स्थिति में रहा और यहां एक्यूआई 325 से ऊपर रहा।
नहीं मिलेगी प्रदूषण से मुक्ति
राजधानी को वायु प्रदूषण से जल्द मुक्ति मिलने के आसार नहीं हैं। वर्षा होने से वायु प्रदूषण के कण जमीन पर बैठ जाते हैं, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार राजधानी और आसपास की एरिया में जल्दी में बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, इस दौरान हवा का बहाव पांच से नौ किलोमीटर प्रति घंटा बने रहने की संभावना है, जिससे धूल के कण हल्की गति से बहकर दूर जाते रहेंगे। सोमवार से शुक्रवार तक तापमान न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने के आसार हैं।