बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने चीन पर तो सरकार का साथ दिया लेकिन पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस के सुर में सुर मिलाते हुए सरकार से कीमतों पर लगाम लगाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ लोग कोरोना महामारी से परेशान हैं, वहीं ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी कमर तोड़ दी है।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में मायावती ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब बसपा का गठन किया गया, तब कांग्रेस सत्ता में थी। यदि उस समय कांग्रेस ने पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों तथा अल्पसंख्यकों के लिए कुछ काम किया होता तो बसपा को बनाने की जरूरत ही नहीं होती। दरअसल पिछले दिनों प्रियंका गांधी वाड्रा ने सपा और बसपा पर परोक्ष हमला बोलते हुए उन्हें भाजपा का आधिकारिक प्रवक्ता बताया था, उसी को लेकर मायावती ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भारत-चीन विवाद पर प्रियंका ने मायावती पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मायावती के भारत-चीन विवाद पर भाजपा का समर्थन किए जाने को लेकर उन पर निशाना साधा है। प्रियंका ने ट्वीट करके कहा, जैसा कि मैंने कहा था कि विपक्ष के कुछ नेता भाजपा के अघोषित प्रवक्ता बन गए हैं, जो मेरी समझ से परे है। इस समय किसी राजनीतिक दल के साथ खड़े होने का कोई मतलब नहीं है। हर हिंदुस्तानी को हिंदुस्तान के साथ खड़ा होना होगा, हमारी सरजमीं की अखंडता के साथ खड़ा होना होगा। जो सरकार देश की सरजमीं को गंवा डाले, उस सरकार के खिलाफ लड़ने की हिम्मत बनानी पड़ेगी।