जहां शिवकुमार यादव के पैतृक गांव रामनगर में उसे सुनाई गई सजा पर जश्न का माहौल है और लोग खुशियां मना रहे हैं। वहीं महिला का कहना है कि उसे शिवकुमार की उम्रकैद से कोई खुशी नहीं हुई। क्योंकि महिला को अब तक न्याय नहीं मिला है।
एक ओर जहां उबर रेप केस के दोषी शिवकुमार यादव की उम्रकैद की सजा से उसके गांव वालों समेत सभी लोग कोर्ट के फैसले से खुश है। वहीं आगरा के पास मैनपुरी गांव में एक 35 वर्षीय महिला इससे खुश नहीं है।
महिला के मुताबिक उसे अभी शिवकुमार के खिलाफ उस मामले में न्याय की दरकार है। जिसपर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दरअसल नगला तार गांव के निवासी महिला ने शिवकुमार के खिलाफ दो साल पहले रेप का एक मामला दर्ज कराया था।
शिवकुमार के मुढ़वा दिये थे बाल
इसके कुछ समय बाद शिवकुमार ने एक किशोरी के यौन शोषण की कोशिश की थी। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पिटाई की और उसके बाल मुढ़वा दिए। महिला की शिकायत पर दर्ज केस मैनपुरी अदालत में है।
पीड़ित महिला के मुताबिक वह अब घर तक ही सीमित रहेगी, जबकि दूसरी महिलाएं बिना किसी ड़र और भय के बाहर घूम सकेंगी। वह तभी आजाद होंगी जब उसे खुद न्याय मिलेगा।
महिला ने बताया कि अगस्त 2013 में बंदूक की नोंक पर रखकर उससे रेप किया गया था। पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया और एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था।
हालांकि उनके पति ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया और किसी तरह उन्होंने केस दर्ज कराया। महिला के साथ ये घटना उस वक्त हुई थी जब वह अपने घर के पास ही कचरा फेंकने के लिए बाहर निकली थी।
..तो नहीं होता दिल्ली का उबर रेप केस
उसी दौरान शिवकुमार ने महिला पर हमला करते हुए ऐसे दबोचा कि वह शोर भी नहीं मचा सकी। शिवकुमार ने बंदूक दिखाकर महिला से रेप किया था। उसने महिला को रिपोर्ट दर्ज कराने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
पीड़ित महिला और उसके पति द्वारा कई मामले में लगातार कोशिश करने के बाद पुलिस ने रेप और लूट की धाराओं के तहत शिवकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया।
महिला के वकील गिरिराज का कहना है कि अगर पुलिस समय पर शिकायत दर्ज करती तो अब तक वे केस जीत चुके होते। पुलिस ने मामले में पहले छेडछाड़ की शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने अदालत से महिला का बयान दर्ज करने की अपील की थी।
महिला के बयान के बाद ही शिवकुमार पर रेप का चार्ज लगाया गया था। अब मामले में ट्रायल शुरू होने जा रहा है। अगर पुलिस पहले ही मामले में सही कार्रवाई करती तो शिवकुमार जेल में होता और दिल्ली उबर रेप देखने को नहीं मिलता।