वहीं पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का तो ये भी कहना है कि अंग्रेजी का पेपर छोड़कर सभी पेपर लीक हुए हैं। उनके पास परीक्षा से एक दिन पहले फोन आता था कि 2000 रुपए में पेपर मिल रहे हैं चाहिए तो पैसे तैयार रखें। वहीं कुछ ने तो ये भी आरोप लगाया कि पेपर तो 50 हजार रुपए में बेचे गए हैं।
इस पूरे मामले से वह छात्र बहुत निराश हैं जिन्होंने अपने आप पढ़ाई की और ईमानदारी से पेपर दिया। उनका कहना है कि उन्हेंं न्याय चाहिए और वो दोबारा पेपर देने के लिए तैयार नहीं है।
सीबीएसई चेयरपर्सन को एक दिन पहले ही मिल गई थी लीक पेपर की कॉपी
सीबीएसई पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया जिससे पता चलता है कि बुधवार को हुए 10वीं के मैथ्स पेपर की लीक कॉपी पहले ही इसकी चेयरपर्सन अनीता करवाल के पास मंगलवार को ही पहुंच गई थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार एचआरडी मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, सीबीएसई की चेयरपर्सन को लीक पेपर की कॉपी भेजना उन लोगों का काम लगता है जो 'पकड़ सको तो पकड़ के दिखाओ' की मंशा रखते हैं। ऐसा भी हो सकता है ये किसी एक शख्स ने इसलिए भेज दिया हो ताकि वो सीबीएसई को पेपर लीक के बारे में अवगत करा सकें, ताकि उपयुक्त कदम उठाया जा सके।
लेकिन इस पूरे मामले में जिस तत्परता से सीबीएसई को काम करना चाहिए था उन्होंने नहीं किया और बच्चों को दोबारा परीक्षा में धकेल दिया।