केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। बोर्ड ने संबद्धता नियमों का हवाला देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों के पास नवीनीकृत अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। बोर्ड ने संबद्धता नियमों का हवाला देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों के पास नवीनीकृत अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
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इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूल में अग्नि सुरक्षा यंत्र या अलार्म स्थापित हो, यदि नहीं है तो उसे जल्द से जल्द स्थापित किया जाए। दरअसल बोर्ड ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सीबीएसई की ओर से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सभी स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देशों संबंधी जानकारी भेज दी गई है। दरअसल बोर्ड का मानना है कि स्कूल में बच्चे क्वालिटी टाइम बिताते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि वे स्कूल परिसर में सुरक्षित रहें। बोर्ड ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास समाप्ति तिथि से पहले नवीनीकृत अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र होना चाहिए।
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बोर्ड ने दोहराया है कि स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के आवश्यक पहलुओं को ध्यान रखा जाना चाहिए। स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए अग्नि सुरक्षा मानदंड सुनिश्चित करने चाहिए। बोर्ड ने कहा है कि संबंद्धता उपनियम 2018 के नियम के अनुसार यह अनिवार्य है कि स्कूल में स्वास्थय, स्वच्छता, पेयजल, अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और परिवहन सावधानियों के संबंध में नगरपालिका प्राधिकरण, परिवहन विभाग के निर्देशों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। प्रत्येक स्कूल को किसी भी अप्रिय घटनाएं विशेष रूप से आग से होने वाली किसी भी आपदा को रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
30 जुलाई तक तलब की है रिपोर्ट
बोर्ड ने अपने दिशा-निर्देशों में कहा है कि स्कूल में अग्नि सुरक्षा इस कारण से महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में बच्चे एक स्थान पर एकत्र होते हैं और एक भी आग की घटना उन सभी को प्रभावित कर सकती है। स्कूलों को अगले तीस दिनों के भीतर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वह नियमित आग से बचाव के लिए नियमित अभ्यास और अग्नि सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करें। इसके साथ ही संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया जाए। अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। स्कूलों से कहा गया है कि वह इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट को बोर्ड के ओएसिस पोर्टल पर 10 जुलाई तक प्रस्तुत करें।