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Delhi: CBSE ने अफवाहों से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी, प्रामाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें

Tue, 17 Feb 2026 04:35 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

बोर्ड ने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बोर्ड की परीक्षाओं के सुचारू, सुरक्षित और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ व्यवस्था और उपाय किए हैं। भ्रामक सूचना फैलाने या परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने के किसी भी प्रयास के विरुद्ध बोर्ड द्वारा सख्त कार्रवाई होगी।
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CBSE Board - फोटो : Official Website
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विस्तार
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सीबीएसई ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा में फर्जी खबरों और अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी है। बोर्ड ने इस संबंध में फर्जी खबरों और अफवाहों के प्रसार से बचने के लिए एडवाइजरी करते हुए कहा कि छात्र किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट को ही देखें। स्कूलों, अभिभावकों व छात्रों से बोर्ड ने आग्रह किया कि वे सतर्क रहें और अप्रमाणित खबरों-अफवाहों या फर्जी खबरों से गुमराह न हों। बोर्ड की एडवाइजरी के अनुसार पहले देखा कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा अवधि के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर फर्जी खबरें फैलाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। ऐसी भ्रामक सूचनाओं में प्राय: प्रश्नपत्र लीक होने के झूठे दावे तथा बोर्ड की कक्षा 10वीं-12वीं परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्रों का प्रसार की बात शामिल होती है। ऐसे में बोर्ड ने सभी हितधारकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बोर्ड ने कहा है कि इस प्रकार की निराधार सूचना पर विश्वास करना, उससे जुड़ना या उसे आगे बढ़ाना अनावश्यक चिंता और भ्रम उत्पन्न कर सकता है और इस छात्रों की तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

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बोर्ड ने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बोर्ड की परीक्षाओं के सुचारू, सुरक्षित और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ व्यवस्था और उपाय किए हैं। भ्रामक सूचना फैलाने या परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने के किसी भी प्रयास के विरुद्ध बोर्ड द्वारा सख्त कार्रवाई होगी। बोर्ड की 10वीं-12वीं परीक्षा के संबंध में सीबीएसई द्वारा अपने सत्यापित आधिकारिक प्लेटफार्मों के माध्यम से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने के लिए कहा है जिससे कि भ्रामक सूचनाओं का प्रसार न हो।

पहली परीक्षा छोड़ने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में नहीं हो सकेंगे शामिल 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं में दो बार परीक्षा नीति के तहत छात्रों का पहली बार परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि दूसरी बार परीक्षा का हिस्सा बनने के लिए पहली परीक्षा देना जरूरी है। पहली परीक्षा में पास हुए छात्रों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषा में से किन्ही तीन विषयों में सुधार करने की इजाजत मिलेगी। दरअसल सीबीएसई को छात्रों से अनुरोध मिला है कि वह पहली परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे और उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी।
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सीबीएसई ने छात्रों से मिले अनुरोध के बाद अपनी दो बार बोर्ड पॉलिसी की जानकारी एक बार फिर से स्पष्ट की है। बोर्ड परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने परिपत्र जारी कर कहा कि सभी छात्रों के लिए जितने भी छात्र परीक्षा में पंजीकृत हैं, उनके लिए पहले बोर्ड परीक्षा में बैठना जरूरी है। पहली बोर्ड परीक्षा में पास हुए और दूसरी परीक्षा के लिए योग्य छात्रों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषा में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की इजाजत दी जाएगी।

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में नहीं बैठा है तो उसे दूसरे बार की परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को जरूरी रिपीट श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले साल फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही परीक्षा दे सकते हैं। वहीं जिन छात्रों का पहली परीक्षा में रिजल्ट कंपार्टमेंट है, ऐसे छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाएगी। दसवीं कक्षा पास करने के बाद अतिरिक्त विषयों की इजाजत नहीं होगी, छात्रों को स्टैंड अलोन विषय में इजाजत नहीं होगी। परीक्षा नियंत्रक ने साफ किया कि यदि कोई छात्र किसी खास कारण से पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में नहीं बैठ पाता है तो उसे बोर्ड की पॉलिसी के मुताबिक दूसरे बोर्ड एग्जाम में बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। छात्रों से मिली किसी अनुरोध का जवाब नहीं दिया जाएगा।

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