राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 2026 की गेहूं कटाई के मौसम से पहले एक विस्तृत कानूनी गाइडलाइंस जारी की है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 2026 की गेहूं कटाई के मौसम से पहले एक विस्तृत कानूनी गाइडलाइंस जारी की है। इसमें पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को गेहूं के अवशेष जलाने पर रोक लगाने के लिए राज्यस्तर के एक्शन प्लान को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
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साथ ही, दिल्ली सरकार और राजस्थान से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है। सीएक्यूएम के अधिकारी ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से एनसीआर क्षेत्र की हवा गंभीर रूप से प्रभावित होती है। इसरो व आईएआरआई के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 मई 2025 के बीच गेहूं कटाई के दौरान पंजाब में 10,207, हरियाणा में 1,832 और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में 259 आग की घटनाएं दर्ज की गईं।