केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को कहा है कि वह कक्षा दो तक के छात्रों को बिल्कुल भी होमवर्क न दें। सीबीएसई ने कहा है कि स्कूल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के प्रावधानों का पालन करें। उन्हें स्कूल बैग भी न दिया जाए।
सीबीएसई के अकादमिक निदेशक डॉ. जोसेफ इमानुएल ने इस संबंध में एक सकुर्लर जारी किया है। बोर्ड ने सकुर्लर में मद्रास हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने भी कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क ना देने को कहा है।
लिहाजा इस आदेश का पालन करने के लिए दोबारा सूचित किया जा रहा है। बोर्ड ने कहा है कि स्कूल एनसीईआरटी की ओर से तय पाठ्यक्रम से ही पढ़ाएं। बोर्ड का कहना है कि एनसीईआरटी ही कक्षा एक से आठ तक के लिए अकादमिक अथॉरिटी है।
एनसीईआरटी ने पहली व दूसरी कक्षा के लिए तीन-तीन पुस्तकें निर्धारित कर रखी हैं। बोर्ड ने स्कूलों को हिदायत देते हुए कहा है कि संबद्धता उपनियमों के कारण स्कूलों को बोर्ड के इस सुझाव को मानना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अशोक गागुंली ने स्कूलों को बच्चों के बैग का वजन कम करने के लिए कहा था।