अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । सीबीएसई की बारहवीं की गणित की बोर्ड परीक्षा सोमवार को संपन्न हो गई। इसके कुछ प्रश्नों ने छात्रों को उलझा दिया। प्रश्न पत्र लंबा व चुनौतीपूर्ण रहा। औसत छात्रों को प्रश्न-पत्र थोड़ा मुश्किल लगा। जिन छात्रों ने एनसीईआरटी पुस्तकों से तैयारी की थी, प्रश्न समझने के बाद उन्होंने आसानी से हल कर लिया। छात्रों को सेक्शन-डी में पूछे गए दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न थोड़े कठिन लगे। प्रश्न थोड़े उलझाऊ थे, जिनका कॉन्सेप्ट स्पष्ट नहीं था उन्हें हल करने में दिक्कत हुई।
मॉडर्न पब्लिक स्कूल के पीजीटी गणित शिक्षक अमित भटनागर के अनुसार इस वर्ष गणित के प्रश्नपत्र की कठिनाई का स्तर मध्यम से चुनौतीपूर्ण रहा। अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित थे, लेकिन पेपर की लंबाई और कुछ अप्रत्याशित प्रश्नों ने छात्रों के लिए इसे थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना दिया। थ्रीडी ज्योमेट्री के 5 अंकों के एक प्रश्न ने छात्रों को परेशान किया। इसमें रेखा के समीकरण के टू-पॉइंट फॉर्म से संबंधित सवाल पूछा गया, यह एनसीईआरटी की किताब में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है। इस कारण कई परीक्षार्थियों को इसे हल करने में थोड़ी उलझन हुई।
इसके बावजूद जिन छात्रों की अवधारणाएं स्पष्ट थीं और जिन्होंने एनसीईआरटी पर आधारित अच्छी तैयारी की थी, उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रश्नपत्र को हल किया। जिन्होंने इस विषय को लेकर नियमित अभ्यास किया और उनकी मूलभूत सिद्धांतों की समझ अच्छी थी, उनके लिए पेपर संतुलित रहा।