दिल्ली पुलिस ने 12वीं कक्षा के हाथ से लिखे व्हाट्स एप पर देशभर में घूम रहे अर्थशास्त्र के लीक पेपर की गुत्थी को पूरी तरह सुलझा लिया है। यह पर्चा हिमाचल प्रदेश के ऊना से लीक हुआ था।
पुलिस ने वहां के डीएवी सेनटेनरी पब्लिक स्कूल के शिक्षक राकेश कुमार, क्लर्क अमित शर्मा और चपरासी अशोक को गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार तीन स्कूलों का केंद्र अधीक्षक था। बैंक से पेपर लेने, केंद्र तक पहुंचाने व परीक्षाएं ठीक से कराने की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की होती है। इन्होंने अर्थशास्त्र का पेपर तीन दिन पहले लीक कर दिया था।
दिल्ली पुलिस ने तीनों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। अब तक की पूछताछ में पैसे के लिए पेपर लीक करने की बात सामने नहीं आई है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त आरपी उपाध्याय ने बताया कि सीबीएसई मुख्यालय में 26 मार्च (इस दिन अर्थशास्त्र का पेपर हआ था) को एक लिफाफा आया था। इसमें अर्थशास्त्र के पेपर की हाथ से लिखी हुई चार इमेज थीं। सीबीएसई ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से की।
दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार की देखरेख में एसआईटी बनाई। जांच करनाल व चंडीगढ़ समेत कई शहरों होते हुए ऊना पहुंची। यहां से पुलिस ने डीएवी स्कूल के शिक्षक राकेश कुमार (39) को पकड़ा। उसने बताया कि वह ऊना के पेखुबेला स्थित जवाहर नवोदय पब्लिक स्कूल का केंद्र अधीक्षक है। इस सेंटर के अंदर तीन स्कूल आते हैं।
उसकी ड्यूटी ऊना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से पेपर लेकर केंद्र तक पहुंचाने व परीक्षा कराने थी। सेंटर में जाने से पहले पेपर बैंकों के लॉकरों में सुरक्षित रखे जाते हैं।
इससे पूछताछ के बाद उसके दो साथियों डीएवी स्कूल के क्लर्क अमित शर्मा व चपरासी अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों राकेश की बैंक से पेपर लाने व सेंटर पहुंचाने आदि कामों में मदद करते थे। अर्थशास्त्र का पेपर व्हाट्स एप के जरिये पूरे देश में लीक हुआ था।
आशंका है कि आरोपियों ने और भी पेपर लीक किए हों। संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि आरोपियों को पिछली रात ही गिरफ्तार किया गया है। अन्य पेपर लीक करने को लेकर भी इनसे पूछताछ की जाएगी।