साथ ही भाजपा ने दावा किया था कि इस मामले में दस्तावेज से पता चलता है कि 43.70 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के बजाय सिविल लाइंस के 6 फ्लैट, स्टाफ रोड स्थित केजरीवाल के सरकारी आवास की शक्ल बदलने पर 44.78 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। दस्तावेज में 9 सितंबर, 2020 से जून, 2022 के बीच 6 बार में राशि खर्च की गई।
कैग जांच की भी हुई थी सिफारिश
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग द्वारा मामले की जांच कराने के लिए केंद्र सरकार ने सिफारिश की थी। राजभवन की ओर से जांच के आदेश की जानकारी दी गई थी। राजभवन की ओर से कहा गया था कि गृह मंत्रालय को 24 मई को एक पत्र मिलने के बाद स्पेशल कैग ऑडिट की सिफारिश की गई थी। यह पत्र एलजी ऑफिस की ओर से मिला था। जिसमें दावा किया गया था कि सीएम केजरीवाल के सरकारी बंगले के रेनोवेशन में वित्तीय गड़बड़ी पाई गईं। आम आदमी पार्टी और सीएम ऑफिस की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।
इस जांच से कुछ नहीं निकलेगा: 'आप'
आप ने कहा है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की घेराबंदी के लिए सभी जांच एजेंसियों को लगा दिया गया है, लेकिन दिल्ली की 2 करोड़ जनता का आशीर्वाद अरविंद केजरीवाल के साथ है। इस जांच से कुछ नहीं निकलेगा।