आतंकी हमलों की आशंका के मद्देनजर देशभर के सभी मेट्रो शहर हाई अलर्ट पर
हैं। खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हैं। ऐसे में नोएडा से आतंकी की गिरफ्तारी
ने पुलिस के साथ ही एलआईयू पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।
गणतंत्र दिवस को
ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पूरे एनसीआर में
किराएदारों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
अकेले नोएडा में ही
15 हजार से अधिक बांग्लादेशी रह रहे हैं। कई लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने यहां
का पहचान पत्र तक बनवा लिया है। ऐसे में पुलिस के सामने उनकी शिनाख्त करना
भारी परेशानी का सबब बन रहा है।
19 दिसंबर को नोएडा में आतंकी अब्दुल अजीज
को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं, सिमी के पांच आतंकियों को पनाह
देने वाली हुस्ना का भाई निठारी में रहता था। लेकिन एलआईयू को इसकी भनक तक
नहीं लगी।
हाल में जब खुफिया विभाग से नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल
हुए एक दर्जन आतंकियों के एनसीआर में छिपे होने की सूचना मिली, तब पुलिस
होटलों, मॉल और कोठियों सहित सघन आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वालों का
ब्योरा रजिस्टरों में दर्ज कर रही है।