प्रॉपर्टी डीलर राणा प्रताप आहूजा के अपहरण और हत्या के बाद एक बार फिर उन पुराने मामलों को लेकर पुलिस के खिलाफ लोगों में रोष बढ़ रहा है जिनमें अभी तक लापता लोगों का सुराग नहीं लगा है।
शहर में बच्चों, बड़ों व नाबालिगों के गायब होने और अपहरण के आज भी कई ऐसे अनसुलझे मामले हैं, जिन पर पुलिस का ध्यान नहीं जाता है।
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एनआईटी-5 में 20 जनवरी 2010 को एफ-ब्लॉक से राकेश नामक व्यक्ति के बेटे पीयूष का अपहरण हो गया था। घटना के बाद राकेश के पास फिरौती का फोन भी आया था, लेकिन बाद में न तो बदमाशों का कुछ पता लगा और नहीं साढ़े चार साल बीतने के बाद भी उनका बेटा घर लौटा।
मई में सहगल अपहरण कांड दो दिन में ही सुलझ जाने के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस आयुक्त एएस चावला ने कहा था कि अपहरण के पुराने मामलों को भी बहुत गंभीरता से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा लेकिन अब तक ऐसी कोई पहल पुलिस की ओर से नहीं दिखी है। इस साल कम से कम दर्जन भर से अधिक अपहरण के मामले हो चुके हैं।