राजनीति में टोपी अब खास हो गई है। झंडे-बैनर से ज्यादा अहमियत भी अब टोपी की ही गई है। आप की तर्ज पर भाजपा भी कार्यकर्ताओं को टोपी पहनाने का निर्णय लिया है।
आम आदमी पार्टी की तर्ज पर अब मुख्य राजनीतिक पार्टियां भी टोपी पहनाने का काम शुरू कर चुकी है। कांग्रेस पार्टी के नेता व सदर विधानसभा के प्रत्याशी अजय माकन अपनी पदयात्रा, रैली, रोड शो में बिना टोपी के नहीं पहुंच रहे हैं। उनके साथ कार्यकर्ताओं की टोली भी बिना टोपी के नहीं उतर रही है। राहुल गांधी के रोड शो में कार्यकर्ता टोपी पहने हुए दिखे।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में टोपी पहनने के मुद्दे पर एक बैठक भी हुई। जहां यह फैसला लिया गया कि हर कार्यकर्ता टोपी पहनेगा। मंगलवार को प्रदेश कार्यालय पहुंचे प्रदेश प्रभारी प्रभात झा भी भगवा टोपी पहनकर पहुंचे थे।
पार्टी पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि टोपी पहने और कार्यकर्ताओं को टोपी पहनने के लिए प्रेरित करें। हालांकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई कार्यकर्ताओं ने केसरिया रंग की इस टोपी को पहनने से इंकार किया है। संघ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक संघ के आला अधिकारियों की तरफ से आदेश नहीं होता तब तक भाजपा की टोपी नहीं पहनेंगे।