म्यांमार में लापता हुए इंडियन मर्चेंट नेवी के अधिकारी किशोर माटा को स्वेदश लाने की मांग तेज हो गई है। रविवार को माटा के परिजनों और मर्चेंट नेवी अधिकारियों समेत हजारों लोगों का हुजूम गुड़गांव की सड़क पर उतर आया।
हाथों में कैंडल थाम लोगों ने वी वांट जस्टिस के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार से मामले की जांच की मांग की। कैंडल मार्च के चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे एक घंटे तक बाधित रहा। मर्चेंट नेवी के चीफ इंजीनियर अनिल देसवाल के मुताबिक, माटा के मामले में केंद्र सरकार लापरवाही बरत रही है।
रविवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम से हजारों लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ कैंडल मार्च निकाला। भीड़ के कारण नेशनल हाइवे के दोनों तरफ दो-दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया।
जाम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने राजीव चौक से सुभाष चौक से वाहनों को निकालने की कोशिश की। लेकिन सुभाष चौक पर भी लोगों की भीड़ के चलते जाम लग गया।
उल्लेखनीय है कि गुड़गांव निवासी 28 वर्षीय किशोर माटा 29 नवंबर 2013 को ग्रेटशिप ग्लोबल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के छह माह के करार पर मर्चेंट नेवी में ड्यूटी के तहत म्यांमार गए थे। 22 अप्रैल को उन्हें वापस भारत लौटना था।
मर्चेंट नेवी के चीफ इंजीनियर अनिल देसवाल के मुताबिक, 18 अप्रैल शाम को किशोर अचानक लापता हो गया। इसके बाद से उसकी कोई सूचना नहीं है।
माटा के परिजनों ने कहा कि केंद्र सरकार से कई बार गुहार लगाने के बावजूद सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। इस संबंध में जल्द ही परिवार के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर गुहार लगाएंगे।