उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और प्रतियोगी छात्रों के बीच चली आ रही लड़ाई अब दिल्ली तक पहुंच गई है। इलाहाबाद में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की की तैयारी करने वाले छात्रों ने जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकाला।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के बैनर तले इकट्ठा छात्रों ने आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने नैनी जेल में कुछ छात्रों को बंद किए जाने के खिलाफ विरोध जताया।
मोर्चा के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। जब इसके खिलाफ छात्रों ने आवाज बुलंद की तो यूपी सरकार के आदेश पर उन्हें फर्जी धारओं में नैनी जेल में बंद करा दिया गया।
कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों को उठाया जिनमें 2013 में घोषित अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करने, आयोग के वर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में घोषित परिणामों की सीबीआई जांच कराई जाए, प्रत्यक्ष भर्ती में लिखित परीक्षा को शामिल किए जाए और पीसीएस परीक्षा का परिणाम दोबारा घोषित किए जाने की मांगे भी शामिल रहीं।
बता दें कि इलाहाबाद में यूपीपीएससी और प्रतियोगियों के बीच कई महीनों से गतिरोध चल रहा है। आरक्षण की त्रिस्तरीय व्यवस्था और पीसीएस परीक्षा के परिणामों में धांधली के आरोपों ने आयोग के अध्यक्ष को भी निशाने पर ला दिया है।