जिलाधिकारी ने समिति का गठन कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी। वहीं, पुलिस जांच में भी प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। जांच अधिकारी बोबेश धीमान ने बताया कि इस केस में 376 ए और बी की धारा भी बढ़ा दी गई है। चार्जशीट दाखिल करने के लिए जांच पूरी की जा रही है।
12 वर्ष कठोर कारावास से लेकर फांसी तक की सजा
अधिवक्ता मुकेश सिसौदिया ने बताया कि नए कानून के अनुसार 376 ए और बी धारा 12 साल से कम आयु की बच्ची से दुष्कर्म के केस में लगाई जाती है। इसके अंतर्गत दोष सिद्ध होने पर कम से कम 12 वर्ष कठोर कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
दूसरे स्कूल में लिया पीड़िता और बहन ने प्रवेश
वारदात के बाद से ही पीड़िता व उसकी बड़ी बहन ने डीपीएस में जाना बंद कर दिया था। अब जानकारी मिली है कि दोनों बच्चियों ने शहर के एक अन्य स्कूल में प्रवेश ले लिया है। दोनों बच्चियों ने अब स्कूल जाना शुरू कर दिया है।