योग को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रखने का साधन माना जाता है। लेकिन अब नोएडा के छात्र योग को करियर के रूप में अपना कर बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
जिले की दो यूनिवर्सिटी में इस तरह के कोर्स शुरू करने की तैयारी है। हालांकि यहां अभी योग का सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कराया जा रहा है, लेकिन इसे अगले सत्र से इसे पूर्ण कोर्स के रूप में संचालित करने की योजना है। इन संस्थानों का मानना है कि योग कोई नई पहल नहीं है, जिसे अब शुरू किया जा रहा है। बल्कि यह अनादिकाल से चला आ रहा है।
ऋषि-मुनि इसी विद्या से लंबे समय तकतप किया करते थे और शारीरिक रूप से सालों तक स्वस्थ रहते थे। पिछले कुछ समय से योग के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है, अब लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। रोगियों को योग करने की सलाह तो अब डॉक्टर भी देने लगे हैं। इसको देखते हुए आने वाले समय में छात्र योग के जरिए अपना करियर भी बना सकते हैं।
प्लसेमेंट की क्या हैं संभावनाएं
योग का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सभी सेक्टर और सोसायटी के नागरिक सुबह योग करने लगे हैं। इसके लिए ट्रेनर की आवश्यकता होती है।
निजी स्कूलों में लगातार इसका स्कोप बढ़ता जा रहा है और फिजीकल एजुकेशन से संबंधित अध्यापकों के लिए यह शिक्षा महत्वपूर्ण होती जा रही है। योग सिखाने वाले ट्रेनर की लगातार मांग बढ़ रही है।
शारदा ग्रुप पिछले चार साल से योग की कक्षाएं शिक्षकों और छात्रों के लिए लगाता आ रहा है। पिछले वर्ष यूनिवर्सिटी ने चीन की एक यूनिवर्सिटी के साथ हाथ मिलाया है।