सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा शुरू
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पलवल और फरीदाबाद के बीएड कॉलेजों को वाईएमसीए विश्वविद्यालय से जोडने के मंत्रिमंडल के फैसले के बाद विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी बढ़ गई है। इसलिए जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन अपने कैंपस में नया शिक्षा विभाग स्थापित करेगा।
साथ ही बीएड पाठ्यक्रम के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन भी किया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद विश्वविद्यालय इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाएगा।
दरअसल, तीन दिन पहले प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने वाईएमसीए फरीदाबाद, चौ. दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय मुरथल और हिसार स्थित गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय के साथ प्रदेश के सभी बीएड कॉलेजों को जोडने का फैसला लिया था। फैसले के मुताबिक वाईएमसीए विश्वविद्यालय ने अंतर्गत पलवल और फरीदाबाद जिले के 70 से ज्यादा बीएड कॉलेज शामिल होंगे।
घोषणा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में शिक्षा विभाग स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन किया जा सकें। इसके बाद ही बीएड के सिलेबस और कॉलेजों की निगरानी पर फैसला लिया जा सकता है।
बीएड कोर्स की बोर्ड ऑफ स्टडीज के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के विभाग के चेयरपर्सन, दो प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर सहित संबंधित कॉलेजों में से 10 साल के अनुभव वाले शिक्षक को शामिल किया जाता है।
बोर्ड ऑफ स्टडीज कोर्स का काम सिलेबस तैयार करना, पेपर सैट करना, परीक्षकों का चुनाव करना और परीक्षा का स्वरूप तय करता है। इन सभी चीजों के बिना किसी भी कोर्स को नहीं चलाया जा सकता। इसके अलावा विश्वविद्यालय को डीन ऑफ कॉलेज भी बनाना होगा। ताकि बीएड कॉलेजों को नियंत्रित किया जा सके।