ग्रामीण मेधावी विद्यार्थियों के लिए शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा संचालित विद्याज्ञान एकेडमी में बृहस्पतिवार को प्रथम बैच का दीक्षांत समारोह मनाया गया।दादरी स्थित शिव नाडर यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य समारोह में जब 187 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिया गया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था।
विद्यार्थियों की कहानी सुन लोगों का गला भर आया। शिव नाडर फाउंडेशन की ट्रस्टी रोशनी नाडर मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षा के जरिये ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच के अंतर को खत्म किया जा सकता है।
उन विद्यार्थियों को शिक्षा देना बहुत जरूरी है जिनमें आने वाले कल का लीडर बनने की क्षमता है। संस्था ने गरीब बच्चों के लिए यह प्रयास किया है। मिठाई की दुकान से लंदन के फैशन कॉलेज तक पहुंचाघर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से होनहार बच्चा मिठाई की दुकान पर काम करने को मजबूर था।
विपरीत परिस्थिति में भी उसने किताब से नाता नहीं तोड़ा। विद्याज्ञान संस्था ने उनकी इस प्रतिभा को पहचाना और सहारा दिया। अब वह लंदन कॉलेज ऑफ फैशन (यूके) में पढ़ाई कर रहा है।
यह हकीकत है जिला बुलंदशहर के गुलावटी गांव निवासी रंजीत पाल की। दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले रंजीत के पिता के सामने परिवार के भरण पोषण की बड़ी समस्या थी। ऐसे में पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था।
वहीं, जिला रामपुर के गांव धुनदी निवासी सिमरन खान के कैंसर पीड़ित पिता की मौत के बाद परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। घर की वार्षिक आय महज 36 हजार रुपये थी।
घर का खर्च चलाने के लिए छोटे भाई को 16 साल की उम्र में बस कंडक्टर की नौकरी करनी पड़ी। इन विपरीत परिस्थितियों में हार न मानने वाली होनहार सिमरन खान संस्था की मदद से लंदन कॉलेज ऑफ फैशन में शिक्षा ग्रहण कर रही है।