डीयू के रेगुलर कॉलेजों में भले ही बीकॉम आगे रहता हो, लेकिन स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में जारी दाखिले की रेस में बीए प्रोग्राम ने बीकॉम को पीछे छोड़ दिया है।
इस कोर्स में अब तक सबसे अधिक 56 हजार दाखिले हो चुके हैं। जबकि बीकॉम में 24 हजार दाखिले ही हुए हैं। एसओएल में 15 जुलाई से शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 1 लाख दाखिले हो चुके हैं।
एसओएल निदेशक प्रो. सीएस दुबे के मुताबिक, यहां उपलब्ध पांच कोर्सेज में अब तक कुल 96,831 दाखिले हो चुके हैं। इन दाखिलों में छात्रों ने सबसे अधिक प्रमुखता बीए प्रोग्राम को दी है।
कोर्स में अब तक 56,032 दाखिले हो चुके हैं। जबकि बीकॉम में 24,371 छात्रों ने दाखिला लिया है। जहां तक एसओएल में पंजीकरण कराने की बात है, तो अब तक 1,23,107 छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें 90 फीसदी से अधिक पंजीकरण कराने वाले छात्रों की संख्या 1524 है। करीब दस छात्र ऐसे हैं जिनके 99 फीसदी व 100 फीसदी तक अंक हैं।
तीसरे नंबर पर राजनीतिशास्त्र ऑनर्स
प्रो. दुबे के मुताबिक, दाखिले में तीसरे नंबर पर राजनीतिशास्त्र ऑनर्स है। इस कोर्स में अब तक 8,311 छात्रों ने दाखिला लिया है। 5,544 दाखिलों के साथ बीकॉम ऑनर्स चौथे नंबर पर है।
सबसे कम दाखिले 2,573 बीए ऑनर्स अंग्रेजी में हुए हैं। जिन छात्रों का प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले का क्रेज रहता है, वही एसओएल में दाखिला लेते हैं। बता दें कि रेगुलर कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह खत्म हो गई है। ऐसे में अब एसओएल में दाखिले की रफ्तार बढ़ेगी।
बिना लेट फीस दाखिले का अंतिम दिन आज
एसओएल में बिना लेट फीस के साथ 31 अगस्त तक दाखिला लिया जा सकता है। उसके बाद 1 से 15 सितंबर तक दाखिला 200 रुपये के विलंब शुल्क के साथ होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एसओएल में बीते साल के दाखिलों का रिकॉर्ड टूट सकता है।