जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में 9 फरवरी को देश विरोधी नारे लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पब्लिक मीटिंग के लिए नियमों को बदल दिया है।
अब कैंपस में आयोजित होने वाली सभी पब्लिक मीटिंग की रिकार्डिंग होगी। साथ ही सिक्योरिटी गार्ड कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसी भी छात्र का पहचान पत्र जांच सकेंगे।
जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा के मुताबिक, विवि प्रबंधन ने नियमों में बदलाव कर दिया है। पब्लिक मीटिंग के लिए अनुमति लेने से पहले आयोजकों को विस्तार से कार्यक्रम की जानकारी देनी होगी।
विवि के पास कार्यक्रम रद करने का अधिकार भी होगा। अनुमति लेने के लिए छात्रों की पूरी जानकारी देनी भी अनिवार्य कर दी गई है। वहीं, यदि कोई पीएचडी स्कॉलर तय समय सीमा में शोध पत्र जमा नहीं कर पाता है तो विश्वविद्यालय से विशेष अनुमति के बाद ऐसे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा एक साल नहीं, बल्कि छह महीने तक रहेगी।
बता दें कि 9 फरवरी के कार्यक्रम में आयोजकों ने विश्वविद्यालय से अनुमति से पहले कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी नहीं दी थी। इसके अलावा सिक्योरिटी गार्ड अधिकार न होने के चलते छात्रों से उनका पहचान पत्र जांच नहीं कर पाया था।
एक शाम शहीदों के नाम
विश्वविद्यालय कैंपस में एबीवीपी एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। कार्यक्रम में सांसद व गायक मनोज तिवारी व अभिजीत भट्टाचार्य अपने गीतों से शहीदों को याद करेंगे। वहीं, रिटायर्ड मेजर जनरल पीके सहगल और रिटायर्ड कर्नल कर्ण थापर आजादी पर छात्रों को जानकारियां देंगे।