दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जीत कर एनएसयूआई डूसर कब्जा कर वापसी करना चाहती है। चारों सीटें जीत कर वापसी करना चाह रही एनएसयूआई ने इसके लिए छात्र व कैंपस आधारित मुद्दों का हाथ थामा है।
छात्र संगठन एनएसयूआई ने बृहस्पतिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए एनएसयूआई ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता, शांति और सुरक्षा, डीयू के निजीकरण का विरोध जैसे मुद्दों को अपने घोषणा पत्र में मुख्य स्थान दिया है।
एनएसयूआई ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में डूसू चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया। एनएसयूआई की इंचार्ज रुचि गुप्ता ने कहा कि डीयू में बीते कुछ दिनों से गैर जरुरी मुद्दे छाए रहे। ऐसे में इस बार घोषणा पत्र में छात्र व कैंपस आधारित मुद्दों को रखा गया है।
घोषणा पत्र को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला दिल्ली लोकतंत्र और स्वतंत्रता, सबके लिए समान अवसर और सकारात्मक कार्य, डीयू को किफायती और सबके लिए सुलभ बनाना। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा कि डीयू को मॉडल यूनिवर्सिटी बनाना है इसके लिए एनएसयूआई कटिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि डूसू केबजट का कहां इस्तेमाल किया जाएगा इसको देखा जाएगा। एनएसयूआई जीतने पर छात्र संसद के माध्यम से डूसू बजट का सही प्रयोग करेगा। वहीं डूसू बजट निर्माण एवं संपूर्ण बजट और बिल को ऑनलाइन किया जाएगा। कैंपस में बीते कुछ समय से डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि अमन व शांति को कैंपस में बहाल किया जाए।
एनएसयूआई केघोषणा पत्र की मुख्य बातें
1. कॉलेजों की फीस में समानता लाने के लिए कार्य किया जाएगा।
2. दिल्ली विश्वविद्यालय केपास लगभग 12 एकड़ जमीन खाली है जिस पर नए कॉलेज और छात्रावास निर्माण केलिए कार्य किया जाएगा। छात्रावास की सुविधा एक बहुत बड़ा मुद्दा है।
3. डीयू के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों के निजीकरण का विरोध करेंगे। छात्रों की सुविधा के लिए दस फीसदी सीटों को बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
4. मेट्रो में 50 फीसदी रियायत केसाथ छात्रों को मेट्रो पास दिलवाना।
5. नार्थ कैंपस, साउथ कैंपस, कालकाजी कैंपस व आउटर कैंपस कॉलेजों को कार्यक्रमों के माध्यम से एक दूसरे से जोडने का कार्य किया जाएगा।
6. पूर्वोत्तर विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए स्पेशल नोडल अधिकारी की तैनाती के लिए कार्य किया जाएगा।