एचपीयू और प्रदेश के करीब 150 कॉलेजों में एससीए (छात्र संघ) चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर नहीं होंगे। पिछले तीन सालों की तरह इस साल भी मेरिट के आधार पर ही एससीए का गठन होगा।
यानी छात्र प्रतिनिधि चुनने के लिए कॉलेजों और विवि में वोट नहीं डाले जा सकेंगे।
एचपीयू के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीरवार को हुई विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में सुझाए गए अप्रत्यक्ष चुनाव के फार्मूला को ही लागू कर एससीए अध्यक्ष सहित चारों पदाधिकारी और विभाग व कक्षा प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
विवि प्रबंधन ही विभागवार मेरिट तैयार करेगा। शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले छात्रों को ही एससीए के लिए चुनकर भेजा जाएगा।
अब विवि जल्द ही एससीए गठन का शेडयूल जारी करेगा। सितंबर माह के पहले सप्ताह में एससीए का गठन हो सकता है।
विवि के कुलपति प्रो. राजिंद्र चौहान ने माना कि ईसी में आम सहमति से अप्रत्यक्ष चुनाव का निर्णय लिया गया है। चुनाव प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।