सब पढ़ें-सब बढ़ें का नारा देने वाली हरियाणा सरकार स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। लापरवाही का ऐसा ही आलम गढ़खेड़ा गांव के सरकारी स्कूल में देखने को मिला।
जहां पढ़ने वाले नौनिहाल अपने घरों से बोतलों में पीने का पानी लाने को मजबूर दिखे। इतना ही नहीं, स्कूल में कई महीनों से विज्ञान और गणित के अध्यापक ही नहीं हैं। सोमवार को ग्राम पंचायत की टीम ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया तो लापरवाही की पोल खुली।
पंचायत प्रतिनिधि विवेक सैनी ने बताया कि हाई स्कूल में इस समय 300 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं, इसके बावजूद कई महीने से स्कूल में विज्ञान और गणित के अध्यापक नहीं हैं।
जिसके कारण स्कूल का शिक्षा स्तर लगातार गिर रहा है। समाजसेवी उदयपाल प्रजापति का कहना है कि पीने के पानी की कमी के चलते बच्चों को घरों से बोतलों में पानी भरकर लाना पड़ता है।
पंच ईश्वर ने बताया कि प्राथमिक स्कूल के इंचार्ज अपनी ज्वाइनिंग के बाद आज तक सिर्फ तीन दिन स्कूल आए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि निरीक्षण में सामने आई समस्याओं को लेकर जल्द ही सीएम विंडो पर शिकायत की जाएगी।
इस मौके पर पंच चंद्रपाल लोर, कपिल और बॉबी भी टीम में मौजूद रहे। खंड शिक्षा अधिकारी अनीता शर्मा का कहना है कि जल्द ही वह स्कूल का दौरा करेंगी और वहां की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।