एकेटीयू ने इस बार कॉलेजों में सीट खाली रहने की समस्या का समाधान करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस बार छात्र-छात्राओं को साफ निर्देश हैं कि एक बार कॉलेज लॉक करने के बाद दूसरा कॉलेज नहीं मिल पाएगा।
इस व्यवस्था से उन कॉलेजों को भी फायदा होगा, जिनमें मजबूरी में छात्र रजिस्ट्रेशन कर देते हैं। लेकिन अच्छी रैंक के कॉलेज में दाखिला होने पर ऐसे कॉलेजों को छोड़ देते हैं। जिससे कम रैंक के कॉलेजों की सीटें खाली रह जाती है।
एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस बार रजिस्ट्रेशन के दौरान कुछ शुल्क और कॉलेज की सीट पर आवेदन करके उसे अपनाने के लिए करीब 40 हजार रुपये जमा करा लिए जाएंगे।
इससे छात्रों की भी मजबूरी हो जाएगी कि वह कॉलेज को छोड़ नहीं पाएंगे। हालांकि कॉलेज में जाने पर यह फीस उनकी अन्य फीस में जोड़ ली जाएगी। काउंसलिंग में भी छात्रों को पांच सौ रुपये की छूट दी जाएगी कि इस बार कोई फीस अलग से नहीं देनी होगी।
जो हर बार ली जाती थी। यह इसलिए किया जा रहा है चूंकि इस बार काउंसलिंग ऑन लाइन की जाएगी और छात्र घर से ही काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। काउंसलिंग के बाद छात्रों को अपने दस्तावेज संबंधित कॉलेज में सत्यापन कराना होगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की मानें तो एकेटीयू से करीब सवा सौ कॉलेज संबंद्व हैं और इनमें करीब 80 सीटों पर जून के अंतिम सप्ताह से दाखिले शुरू हो जाएंगे। एकेटीयू से संबद्व करीब 60 फीसदी कॉलेजों की ओर से यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर इस तरह का सुझाव दिया था। जिससे उनके कॉलेजों की सीट खाली न रह पाए।
एकेटीयू प्रशासन ने बताया कि कॉलेजों द्वारा लगातार इस तरह की योजना को लागू करने की मांग की जा रही थी। जिससे एक कॉलेज लॉक करके दूसरे में मौका नहीं पाएंगे और जिन कॉलेजों की रैंक कम है उनकों भी छात्र मिल सकेंगे।