12वीं में गणित की पढ़ाई कर अगर कोई छात्र बायोटेक्नोलॉजी में कॅरियर बनाना चाहता है तो उसके लिए अच्छी खबर है। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) ने इसके लिए बीएससी इन बायोटेक्नोलॉजी करने वाले छात्रों के लिए बायोलॉजी की अनिवार्यता हटा दी है। इसका फायदा इस सत्र में शहर के राजकीय कॉलेजों को मिलेगा।
दरअसल, अभी तक एमडीयू के कॉलेजों में बीएससी इन बायोटेक में 12वीं कक्षा में बायोलॉजी के छात्रों को दाखिला दिया जाता था। फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित पढ़ने वाले छात्र इससे महरूम रहते थे। वहीं, कॉलेजों में सीटें भी खाली रहती थीं। बायोटेक की ओर घटते रुझान और खाली सीटों को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग के आदेश पर यूनिवर्सिटी ने यह कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी की पहल का नतीजा है कि कॉलेज में छात्र बायोटेक के बारे में काउंसलिंग के लिए आ रहे हैं।
फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसमें दाखिला मिल जाएगा। अब इस सत्र में उम्मीद की जा रही है कि बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में सीटें फुल हो जाएंगी। गणित वाले छात्रों को एडमिशन का प्रावधान किए जाने की वजह से इस सत्र में नए रूप से पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं, बायोटेक के शिक्षकों की मानें तो गणित वाले छात्रों के लिए बायोटेक टेढ़ी खीर होगी। क्योंकि 12वीं तक गणित पढ़ने की वजह से उन्हें बायोलॉजी का ज्ञान नहीं होता है और बीएससी में उस स्तर का ज्ञान छात्रों को नहीं हो पाएगा। इसका खामियाजा रिजल्ट में भुगतना पड़ सकता है।