छात्रों को संबोधित करते प्रकाश जावड़ेकर।
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देश में वित्तीय साक्षरता एक बड़ी जरूरत है। इसके लिए लोगों की मानसिकता बदलना भी एक बड़ी चुनौती है। देश के युवा डिजिटल सुधारों केसंबंध में अपने परिवार को बताएं। इसके लिए वह पहले इसे खुद सीखें फिर दूसरों को सिखाएं।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने यह बातें हिंदू कॉलेज में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। हिंदू कॉलेज में डिजिटल फाइनेंशियल लिटेरसी प्रोग्राम में पहुंचे जावेड़कर ने कहा कि देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। ऐसे में देश के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रकाश जावेड़कर ने युवाओं से आग्रह किया कि सरकार कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है तो वह इस परिवर्तन के एजेंट हो सकते हैं। हम तैयार हैं, युवा लोगों की मानसिकता में बदलाव ला सकता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर छात्र डिजिटल अभियान के कार्यकर्ता बन सकते हैं।
जिसके लिए उन्हें मेरे हस्ताक्षर किया हुआ एक पत्र मेल मिलेगा। वह इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 दिसंबर को लांच किए गए एप भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी पेमेंट) का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि इसे हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं में जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने छात्रों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम करना चाहते हैं। देश में बहुत कुछ हो सकता है लेकिन समस्या यह है कि लोग टैक्स नहीं भरते। उन्होंने छात्रों से कहा कि डेबिट कार्ड का काम केवल पैसे निकालान नहीं है इसका इस्तेमाल हर जगह करें।
हम कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं लिहाजा प्री पेड कार्ड लेकर कर्मचारियों व घरेलू सहायकों को दिया जा सकता है। नोटबंदी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचार, कालेधन, व नकली नोटों की समस्या से निजात मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज में वृक्षारोपण भी किया वहीं छात्रों ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी।