जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से पिछले एक माह से गायब हुए छात्र नजीब अहमद मामले में अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त डॉ. राम गोपाल नायक के नेतृत्व में सोमवार और मंगलवार को अपराध शाखा की टीम जेएनयू कैंपस पहुंची। वहां पहुंचकर टीम ने दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। इधर, देश के कई राज्यों में गए एसआईटी के सदस्य भी वापस लौट आए। बता दें कि नजीब की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने एक विशेष टीम का गठन कराया था और उसकी तलाश की जा रही थी। एक महीने की लंबी छानबीन के बाद अब अपराध शाखा को नजीब का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को अपराध शाखा की 15 सदस्यीय टीम जेएनयू पहुंची। वहां प्रशासन, रजिस्ट्रार वार्डन, सिक्योरिटी ऑफिसर सिक्योरिटी गार्ड व अन्य लोगों से नजीब के बारे में पूछताछ की गई। इसके अलावा छात्र संगठन व कुछ छात्रों के बयानों को भी दर्ज किया गया। अपराध शाखा ने पूरी जांच को नए सिरे से शुरू किया है।
मंगलवार को भी पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। इससे पूर्व एसआईटी यूपी, राजस्थान, असम, नेपाल और बिहार की खाक छानकर वापस लौट आई। पुलिस ने नजीब के फेसबुक अकाउंट, ईमेल, बैंक खाते, मोबाइल नंबर ट्वीटर पर नजर रखी हुई है। लेकिन नजीब के गायब होने के बाद एक बार भी उसके खाते में हलचल नहीं हुई। बता दें कि गत 14 अक्तूबर को हॉस्टल में झगड़ा होने के बाद अगले दिन रहस्यमय हालात में नजीब अहमद गायब हो गया था।