प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सुधारने की बजाए अब नौनिहालों को झाड़ू थमा कर स्वच्छ भारत अभियान में जोड़ने की तैयारी कर रही है। स्वच्छता को आदत बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने तय किया है कि सप्ताह के 1 दिन प्रत्येक छात्र अपने क्लास रूम की सफाई करेगा।
इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। शिक्षक संगठन व अभिभावकों ने फैसले को गलत बताया।
स्वच्छ भारत मिशन जोर-शोर से शुरू हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खास असर दिखाई नहीं दिया। फिसड्डी अभियान में जान फूंकने के लिए अधिकारियों ने इसमें नौनिहालों को जोड़ने का सुझाव दिया है।
तर्क है कि इससे छात्र खुद की स्वच्छता के साथ-साथ श्रम की महत्ता को भी समझ सकेगा। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की सहमति के बाद इसे अगस्त माह से लागू किया जाएगा, यानि अगस्त से नौनिहाल किताबों के साथ झाड़ू भी उठाते नजर आएंगे।