औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में दाखिला लेने वालों को फिटनेस टेस्ट देना होगा। अभ्यर्थी पूरी तरह से फिट हैं कि नहीं इसकी रिपोर्ट चिकित्सक द्वारा जारी की जाएगी। इसके बाद ही उसे संस्थान में दाखिला मिलेगा। यह रिपोर्ट आईटीआई के चुनिंदा ट्रेडों के लिए जरूरी है। अगर फिटनेस टेस्ट अभ्यर्थी पास नहीं कर पाता है तो मेरिट लिस्ट में होने के बाद भी वह दाखिले के योग्य नहीं होगा।
आईटीआई में दाखिले के इच्छुक अधिकतर अभ्यर्थियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। इस बार ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के कारण संस्थान में आकर आवेदन करना जरूरी नहीं है। औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा द्वारा पाया गया कि कुछ ट्रेड में शारीरिक दक्षता जरूरी होती है, मगर दाखिला लेने वाले कुछ विद्यार्थियों में यह गुणवत्ता नहीं होती। बाद में उन्हें ट्रेड छोड़ना पड़ता है। ऐसे में उसका एक साल खराब होता है। ऐसे मामलों से बचने के लिए विभाग ने फायर टेक्नोलाजी व इंडस्ट्रियल सेफ्टी ट्रेड सहित कुछ विषयों में दाखिले के लिए मेडिकल टेस्ट अनिवार्य किया है।
आईटीआई गुड़गांव के प्रिंसिपल रविंदर कुमार ने बताया कि फायर टेक्नोलाजी व इंडस्ट्रियल सेफ्टी ट्रेड सहित कुछ अन्य ट्रेड में विद्यार्थियों को मेडिकल टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है, क्योंकि इन ट्रेड में शारीरिक दक्षता की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि इन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अगर वह कार्य क्षेत्र में जाते हैं तो उन्हें जो काम करना होगा उसमें फिटनेस की जरूरत होती है।