विदेशी विद्यार्थियों की रिसर्च भी अब शहर को साफ सुथरा बनाएगी। फ्रांस एवं स्पेन के विद्यार्थी शहर में पर्यावरण एवं प्रदूषण के हालात पर रिसर्च कर रहे हैं।
वह शहर को करीब से जानने के साथ आबोहवा को शुद्ध करने पर अध्ययन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले 14 दिनों से विभिन्न स्थानों पर किए अध्ययन में शहर की सड़कों को प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा कारक माना है।
शहर में धूल से होने वाले प्रदूषण पर आश्चर्य जताया गया है। वहीं इनकी थीसिस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में भी मदद करेगी। माना जा रहा है कि प्रदूषण से निपटने के लिए सबसे पहले उन्होंने सड़कों की स्थिति सुधारने पर जोर दिया है।
फ्रांस एवं स्पेन के मेडिकल छात्रों का दल पहली बार फरीदाबाद आया है। उन्होंने अपनी थीसिस के लिए जयपुर शहर को भी शामिल कर वहां का भ्रमण किया।
16 विद्यार्थियों के दल में लूसी डेनियल, सारा, कैमिला सयाथ, कौमिने, मैथिलिड, जेलेनी आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वह दो दिन और रुककर शहर को करीब से जानेंगी।
उन्होंने अपने अध्ययन के दौरान फरीदाबाद शहर की तुलना फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया के शहरों से करते हुए बताया कि यहां पर बारिश के पानी के निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है।
विदेश के शहरों में बारिश होते ही सड़कों पर पानी नहीं रुकता है। यहां की टूटी सड़कों के कारण धूल रुकने से प्रदूषण होता है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों का अध्ययन क्लीन एवं ग्रीन फरीदाबाद के लिए काम आएगा।
फ्रांस एवं स्पेन के छात्रों ने शहर में अध्ययन कर प्रदूषण पर आश्चर्य जताया। पर्यावरण एवं साफ सफाई को लेकर विभिन्न स्थानों का दौरा किया। विदेश के शहरों से फरीदाबाद की तुलना कर रहे हैं।