सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति सुधारने में राज्य सरकार जुटी है। इसके लिए एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) द्वारा शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू की गई है।
मंथली असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर जिले और विषय का चयन किया गया है। मंगलवार से पांच दिवसीय तीन-तीन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग विभिन्न जिलों की शुरू की गई है।
हर ट्रेनिंग में तीन जिले को बुलाया गया है। जबकि पहले सभी जिलों को एक साथ बुला लिया जाता था। अध्यापक क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत गुड़गांव, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र के हिन्दी प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसमें शिक्षकों को अलग-अलग पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई। वहीं, पलवल, पानीपत और सिरसा के मैथ शिक्षकों का प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है। प्रशिक्षण में खेल-खेल में गणित के विषयों को आसानी से पढ़ायाने और गणित को लेकर भ्रम दूर करने के साथ प्रैक्टिकल जीवन में गणित उतारने के लिए टिप्स दिए गए। जबकि महेंद्रगढ़, करनाल और कैथल के बायोलॉजी विषय के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई।
साइंस प्रमोशन कार्यक्रम के तहत इन शिक्षकों को प्रैक्टिकल के साथ क्लास रूम में एक्टिविटी कराने पर जोर दिया गया। एससीईआरटी की निदेशक किरण मयी ने बताया कि अलग-अलग जिलों की ट्रेनिंग शुरू की गई है।
टीचिंग एड के जरिये शिक्षण की स्थिति में सुधारने लाने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। ताकि इसका लाभ कक्षा में छात्रों को मिले।