दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 9 सितंबर को होने वाले छात्र संगठन चुनाव में एबीवीपी स्थानीय मुद्दों के साथ राष्ट्रद्रोह बनाम राष्ट्रवाद को लेकर भी छात्रों के बीच जाएगी।
दोनों चुनावों में जीत का दावा करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास ने वामपंथी छात्र संगठनों को आड़े हाथों लिया। श्रीनिवास मंगलवार को हाईवे स्थित मैगपाई टूरिस्ट कांप्लेक्स में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 9 फरवरी को जेएनयू में हुई घटना ने वामपंथ का सच सामने ला दिया है। जो लोग भारतीय जवानों की शहादत पर जश्न मनाते हैं, संसद व भारतीय संविधान में विश्वास नहीं करते, जो देश के टुकड़े करने की चाहत रखते हैं, ऐसे लोगों को छात्र हार का मजा चखाएंगे। इस बार जेएनयू में लाल झंडा नहीं बल्कि भगवा लहराएगा।
उन्होंने कहा कि एबीवीपी को हराने के लिए वामपंथी छात्र संगठनों ने लार्जर लेफ्ट नामक नया गठबंधन किया है। लेकिन राष्ट्रवाद के प्रति छात्रों में जबरदस्त रुझान है। इसलिए डूसू और जेएनयू में इस बार एबीवीपी का परचम लहराएगा।
इस मौके पर एबीवीपी के विभाग प्रमुख डॉ. घनश्याम वत्स, तकनीकी छात्र प्रमुख दामोदर भारद्वाज, जिला संयोजक बलराम भारद्वाज, नैंसी चौधरी, मोहम्मद इश्याक, पवन सौरोत, विकास डागर, अनमोल भारद्वाज और पूर्व विभाग संयोजक मनीष टोंगर मौजूद रहे।
डीयू में फरीदाबाद-पलवल के विद्यार्थियों की संख्या : 7000
जेएनयू में हरियाणा के विद्यार्थियों की संख्या : 350
इन कॉलेजों पर पड़ेगा असर : मोतीलाल नेहरू कॉलेज, भगत सिंह कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, देशबंधु कॉलेज, अरविंदो कॉलेज, शिवाजी कॉलेज, राजधानी कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज।
ये है एबीवीपी का घोषणा पत्र
बदरपुर बार्डर पर नया कॉलेज व हॉस्टल खुलवाना।
एनसीआर के विद्यार्थियों के लिए स्पेशल बस सुविधा मुहैया कराना।
छात्रों को मार्कशीट की प्रतिलिपि हाथों-हाथ दिलवाना।
डीयू की एकेडमिक काउंसिल में भी डूसू को प्रतिनिधित्व दिलाना।
छात्रों के हेल्थ कार्ड शुरू करवाना।
उत्तरी परिसर की तरह दक्षिणी परिसर में भी डूसू ऑफिस खोलना।
एनसीआर विद्यार्थियों के लिए मेट्रो फीडर व मेट्रो रियायती पास व डीटीसी बसों को बढ़ाना आदि।